Browsing: स्वराज मंथन

ग्राम हुच्चेटोला बना आत्मनिर्भरता का उदाहरण परिचय : जंगल के बीच बसता संघर्ष और उम्मीद का गाँव बालोद जिले के डौंडी लोहारा ब्लॉक के ग्राम पंचायत…

“जब लोग साथ आते हैं, तो गाँव की छोटी-सी बैठक भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन जाती है।” पृष्ठभूमि कवर्धा जिले के अंतर्गत आने वाली चोरभट्टी…

1. जंगल से जुड़ा जीवन: खमढोड़गी गांव का परिचय उत्तर बस्तर कांकेर जिले की ग्राम पंचायत कोकपुर में स्थित खमढोड़गी एक आदिवासी बहुल गांव है, जहां…

1303 हेक्टेयर जंगल पर मिला सामुदायिक वन संसाधन अधिकार — आदिवासी समुदाय के आत्म-सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी ग्राम: उरमापाल | विकासखंड: छिंदगढ़ | जिला: सुकमा, छत्तीसगढ़…

ग्राम – सिलपहरी | विकासखंड – मरवाही | जिला – गौरेला, पेण्ड्रा, मरवाही जहां जंगल साँस लेते हैं, वहाँ कुछ सपने भी रहते हैं — छत्तीसगढ़…

एक आदिवासी गांव की सामूहिक चेतना और संघर्ष की प्रेरक कहानीग्राम: कोयाइटपाल | जिला: बीजापुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में, जहां रास्ते भी पेड़ों की…

स्थान: ग्राम कोयाइटपाल, ग्राम पंचायत पिद्दा कोड़ापाल, जनपद पंचायत बीजापुर, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) ग्राम की पहचान: जंगल से जुड़ी आत्मा दक्षिण बस्तर के अंतिम छोर पर…

गांव बनैया (सरगुजा) में समुदाय-नेतृत्वित स्वास्थ्य पहल जीवन बदल रही हैं, खासकर उन बुजुर्गों के लिए जो अकेले घर पर रहते हैं क्योंकि उनके परिवार के…

खामधोडगी (2019):खामधोडगी गांव की ग्राम सभा ने 2019 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब उन्हें 900 हेक्टेयर वन भूमि पर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFR)…