गांव बनैया (सरगुजा) में समुदाय-नेतृत्वित स्वास्थ्य पहल जीवन बदल रही हैं, खासकर उन बुजुर्गों के लिए जो अकेले घर पर रहते हैं क्योंकि उनके परिवार के सदस्य काम के सिलसिले में प्रवास कर गए हैं। लंबे समय तक घर से दूर रहने और परिवहन व स्वास्थ्य सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण इन बुजुर्गों की सेहत पर समय पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसके परिणामस्वरूप, वे कमजोरी, भूख न लगना और सांस लेने में दिक्कत जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहते हैं, लेकिन उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती।
एक सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली के चलते, दिसंबर 2024 में आयोजित मासिक बस्ती बैठक के दौरान आठ बुजुर्गों की पहचान की गई। मितानिन (आशा कार्यकर्ता) ने प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की, जिससे कुछ मामलों में उच्च रक्तचाप और शुगर स्तर का पता चला। वीएचएनसी (VHNC) सदस्यों के सहयोग से, उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां आगे की जांच में उनकी स्थिति की पुष्टि हुई। नियमित दवाओं और समय-समय पर जांच के कारण अब वे खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और अपनी सेहत को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर पा रहे हैं।
यह कोई अकेला मामला नहीं है—इस समुदाय निगरानी प्रणाली के माध्यम से कई जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं (HCFs) से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें उचित इलाज मिल सका।
यह सफलता दिखाती है कि समुदाय आधारित स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली प्रवासी परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समर्थन (Samarthan) इस प्रणाली को और मजबूत करने के लिए समुदायों को सशक्त बना रहा है, ताकि वे जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और समर्थन देने में सक्षम बन सकें।
✅ समुदाय आधारित स्वास्थ्य समाधान प्रभावी हैं! मजबूत स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली सुनिश्चित करती है कि कोई भी पीछे न छूटे।
