
खामधोडगी (2019):
खामधोडगी गांव की ग्राम सभा ने 2019 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब उन्हें 900 हेक्टेयर वन भूमि पर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFR) प्राप्त हुआ। इस मान्यता ने गांव के लोगों को अपने प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन करने और आजीविका के नए अवसर विकसित करने का अधिकार दिया।
सामूहिक प्रयास से जंगल का पुनर्जीवन:
ग्राम सेवा हस्तक्षेप के तहत, गांववासियों ने अपने जंगलों के पुनर्जीवन और प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता दी। उनके सामूहिक प्रयासों से बांस, सीताफल, इमली, महुआ और सूखी लकड़ी जैसे महत्वपूर्ण वन संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
स्वयं सहायता समूहों के जरिए आय में वृद्धि:
गांव में दो स्वयं सहायता समूह (SHGs) बनाए गए:
- पहला समूह महुआ और इमली का प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करता है।
- दूसरा समूह सीताफल का गूदा तैयार करने पर केंद्रित है।
पर्यावरण अनुकूल गतिविधियाँ और आय:
संपूर्ण समुदाय ने मिलकर जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की और गिरी हुई लकड़ियों को इकट्ठा किया। पर्यावरण के प्रति जागरूक इन प्रयासों से ₹1,03,394 की आय हुई, जिसे ग्राम सभा के खाते में जमा किया गया।
उपलब्धि का प्रभाव:
सामुदायिक प्रयासों ने खामधोडगी गांव को न केवल आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन का एक आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत किया।