परिचय:
ओडिशा राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित बargarh जिला अपने समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह जिला मुख्यतः कृषि पर आधारित है, लेकिन गरीबी, बेरोजगारी, और सामाजिक असमानताओं की समस्याएं यहां प्रमुख हैं। आर्थिक विकास के बावजूद, बargarh जिले में विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में गरीबी की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
- गरीबी की स्थिति
बरगड़ जिला गरीबी सूचकांक में ओडिशा के कुछ पिछड़े जिलों में शामिल है। 2021-22 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, जिले की करीब 32% आबादी गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन कर रही है। आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
जिले में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, लोगों की आय का मुख्य स्रोत कृषि और दिहाड़ी मजदूरी है। हालांकि, लगातार सूखा और अनियमित मानसून ने कृषि क्षेत्र को कमजोर बना दिया है, जिससे गरीबी में वृद्धि हुई है।
स्रोत:
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5), 2022
जिला सांख्यिकी कार्यालय, बरगड़, 2023
- कृषि और आजीविका
बरगड़ जिला को “ओडिशा का चावल का कटोरा” कहा जाता है, क्योंकि यहां बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है। हालांकि, किसानों को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

अनियमित वर्षा और सिंचाई की कमी: जिले में 35% किसान अभी भी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं।
फसल का उचित मूल्य न मिलना: किसान अक्सर मध्यस्थों और कम MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के कारण आर्थिक रूप से कमजोर रह जाते हैं।
कर्ज का बोझ: बरगड़ जिला ओडिशा में किसानों की आत्महत्या के मामलों में उच्च स्थान पर है। 2018 से 2023 तक, 200 से अधिक किसानों ने कर्ज के कारण आत्महत्या की।
स्रोत:
कृषि विभाग, बरगड़, 2023
ग्रामीण विकास रिपोर्ट, ओडिशा, 2022
- शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
शिक्षा:
बरगड़ जिले के कई गांवों में सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
स्कूल छोड़ने की दर (Dropout Rate) उच्च है, विशेष रूप से लड़कियों के बीच, जो 14% तक पहुंच चुकी है।
डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसर ग्रामीण इलाकों में लगभग अनुपस्थित हैं।

स्वास्थ्य:
जिले के 50% से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों और दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
मलेरिया, डायरिया, और कुपोषण जैसी बीमारियां गरीब आबादी को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं।
2023 की रिपोर्ट के अनुसार, कुपोषण दर जिले में 32% दर्ज की गई।

स्रोत:
बरगड़ जिला स्वास्थ्य विभाग, 2023
जिला शिक्षा विभाग, बargarh, 2022
- सरकारी योजनाओं का प्रभाव
जिले में गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन उनकी पहुंच और प्रभाव सीमित है।
महत्वपूर्ण योजनाएं:
मनरेगा (MGNREGA):
इस योजना के तहत 70,000 से अधिक परिवारों को रोजगार दिया गया, लेकिन मजदूरी भुगतान में देरी और अपर्याप्त कार्य दिवस एक बड़ी समस्या है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना:
2023 तक, 18,000 घर बनाए गए, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी कई लोग आवास से वंचित हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना:
जिले में 82% परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न मिल रहा है।
स्रोत:
मनरेगा रिपोर्ट, बरगड़, 2023
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, ओडिशा, 2023
- जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं
बargarh जिला सूखा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।
2022 में वर्षा की कमी: इस वर्ष जिले में सामान्य से 25% कम वर्षा हुई।
बाढ़ और सूखा: मानसून की अनियमितता के कारण हर दूसरे या तीसरे वर्ष सूखा और बाढ़ की समस्या होती है, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है।
स्रोत:
भारतीय मौसम विभाग (IMD), 2023
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बरगड़, 2023
निष्कर्ष और सिफारिशें:
बरगड़ जिले में गरीबी और पिछड़ेपन की समस्याओं को सुलझाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
कृषि में सुधार:
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
किसानों को कर्ज मुक्त करने और फसल बीमा योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार:
प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना।
डॉक्टरों और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
शिक्षा और रोजगार:
उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट केंद्र स्थापित करना।
मनरेगा के तहत कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाना।
सरकारी योजनाओं की बेहतर निगरानी:
योजनाओं की पहुंच और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक ऑडिट।
स्रोत:
जिला प्रशासन, बरगड़, 2023
कृषि विभाग, ओडिशा सरकार, 2023
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास रिपोर्ट, 2022
भारतीय मौसम विभाग, 2023
