Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    शहरी मलिन बस्तियों में पेयजल सुरक्षा: केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि स्थानीय जल शासन और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकतापरिचय

    एसबीआई सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत शहीद वीर नारायण सिंह की विचारधारा पर विकसित हो रहा है सोनाखान

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Vikas Manthan
    Subscribe
    • आज की बात
    • देश
    • विदेश
      • अमेरिका
      • चीन
      • पाकिस्तान
      • ब्रिटेन
      • रूस
      • श्रीलंका
    • राज्य
      • छत्तीसगढ़
      • उत्तर प्रदेश
      • झारखंड
      • नई दिल्ली
      • बिहार
      • मध्यप्रदेश
      • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
      • गरियाबंद
      • दंतेवाड़ा
      • दुर्ग
      • बालोद
      • बिलासपुर
      • बीजापुर
    • मंथन
      • कृषि मंथन
      • जल मंथन
      • श्रम मंथन
      • स्वराज मंथन
      • नवचार मंथन
      • स्वास्थ्य मंथन
      • भू मंथन
      • बाल मंथन
      • जिनकी बात उनकी ज़बानी
      • खेल
    • महिला सशक्तिकरण
    • सर्वेक्षण
    • लाइफ़स्टाइल
      • Music
      • Fashion
      • Fitness
    Vikas Manthan
    You are at:Home»महिला सशक्तिकरण»वन धन विकास केंद्र बना महिलाओं की आजीविका का सहारा
    महिला सशक्तिकरण

    वन धन विकास केंद्र बना महिलाओं की आजीविका का सहारा

    vikasBy vikasJune 30, 2025Updated:August 25, 2025No Comments3 Mins Read9 Views
    Facebook Twitter Pinterest Telegram LinkedIn Tumblr Email Reddit
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest WhatsApp Email

    ग्राम – कुनकुरी | विकासखंड – कुनकुरी | जिला – जशपुर

    छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का कुनकुरी गांव आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। यहां की एक साधारण महिला सोफिया खातून ने न केवल अपने परिवार को आर्थिक संकट से उबारा, बल्कि गाँव की दर्जनों महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।

    समूह गठन से शुरू हुई बदलाव की यात्रा

    पति की मृत्यु के बाद जब सोफिया खातून के परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी, तब उन्होंने 2014 में 11 अन्य गरीब महिलाओं के साथ मिलकर ‘सहयोग हीरा’ नामक महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह के सदस्यों ने बैंक खाता खोलकर मासिक बचत शुरू की और धीरे-धीरे स्वयं को संगठित करते हुए वित्तीय गतिविधियों की ओर बढ़ीं।

    वन धन विकास केंद्र से आय के नए अवसर

    वर्ष 2019 में शासन द्वारा कुनकुरी में वन धन विकास केंद्र की स्थापना की गई, जिसमें सहयोग हीरा समूह को संचालन की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही, अन्य 30 महिला समूहों को भी इससे जोड़ा गया। वन धन केंद्र के माध्यम से प्रथम वर्ष में ही 500 क्विंटल साल-बीज की खरीदी की गई, साथ ही कोदो-कुटकी, रागी, और इमली जैसे वनोपजों की भी व्यापक खरीद और प्रसंस्करण हुआ।

    महिलाओं ने इमली गोटा खरीदकर फुल इमली जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए। इन गतिविधियों से समूह की प्रत्येक महिला को सालाना औसतन ₹6,000 की आय हुई, जिससे वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी कर सकीं।

    प्रशिक्षण और नवाचार से सशक्तिकरण को मिली गति

    2022-23 में जिला प्रशासन और TRIFED के सहयोग से महिला समूहों को वनोपज प्रसंस्करण, दस्तावेजीकरण, बैंकिंग, और विपणन पर विशेष प्रशिक्षण दिए गए। इसके अलावा महिलाओं को कोदो-कुटकी की साफ-सफाई और पैकेजिंग तकनीक, फूड सेफ्टी और ब्रांडिंग जैसे विषयों पर भी दक्ष किया गया। इससे उनके उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार में मांग दोनों बढ़ीं।

    हाट-बाजार और मेलों में उत्साहजनक सहभागिता

    समूह की महिलाओं ने जिला स्तरीय आदिवासी मेला, विकासखंड स्तरीय महिला हाट और वन उपज उत्सव जैसे आयोजनों में भाग लिया। उन्होंने कोदो-कुटकी के लड्डू, फुल इमली, और रागी बिस्किट जैसे उत्पादों को प्रदर्शित कर ₹45,000 से अधिक की आय अर्जित की।

    डिजिटल जुड़ाव से बढ़ा दायरा

    हाल ही में समूह की 10 महिलाओं को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म ‘Flipkart Samarth’ से जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से अब उनके उत्पाद ऑनलाइन भी बिक रहे हैं। इससे उनकी मासिक आमदनी में ₹1,000 से ₹1,500 तक की बढ़ोतरी हुई है।

    सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम

    सोफिया खातून और उनकी साथी महिलाओं की मेहनत और नेतृत्व से समूह अब न केवल आर्थिक रूप से मज़बूत हुआ है, बल्कि उनमें निर्णय लेने की क्षमता, दस्तावेज़ीकरण का ज्ञान और बैंकिंग लेन-देन की दक्षता भी विकसित हुई है। शासन के साथ बेहतर समन्वय और निरंतर प्रशिक्षण ने वन धन विकास केंद्र के संचालन को एक मॉडल बना दिया है।


    निष्कर्ष:

    कुनकुरी की महिलाएं यह संदेश देती हैं कि जब महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और संगठित मंच मिलता है, तो वे न केवल स्वयं की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि समाज में परिवर्तन की एक मजबूत लहर भी खड़ी कर सकती हैं। वन धन केंद्र आज उनके आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है।

    Forest Gender Livelihood Women
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit WhatsApp Telegram Email
    Previous Articleवडसगांव: जब युवाओं ने जंगल को मरने नहीं दिया
    Next Article कोयाइटपाल: जंगल की गोद से उठी अधिकार की आवाज़
    vikas
    • Website

    Related Posts

    सोनाखान में महिलाओं की नई पहचान: एसबीआई सम्मान कार्यक्रम से बढ़ी भागीदारी और आजीविका

    March 8, 2026

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवर्तन की नई कहानी: विकास की धुरी बनी महिलाएँ

    March 8, 2026

    छत्तीसगढ़ में निर्णय–निर्माण की शक्ति बनाम प्रतिनिधित्व

    March 4, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Top Posts

    शहरी मलिन बस्तियों में पेयजल सुरक्षा: केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि स्थानीय जल शासन और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकतापरिचय

    September 13, 2026986 Views

    सामुदायिक वन संसाधन अधिकार से सशक्त होती ग्रामीण आजीविका

    October 18, 2025238 Views

    शिवनाथ नदी और उसकी ऐतिहासिक महत्ता:

    February 11, 202540 Views

    सोनाखान में महिलाओं की नई पहचान: एसबीआई सम्मान कार्यक्रम से बढ़ी भागीदारी और आजीविका

    March 8, 202626 Views
    Don't Miss
    शहरी स्वशासन September 13, 2026

    शहरी मलिन बस्तियों में पेयजल सुरक्षा: केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि स्थानीय जल शासन और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकतापरिचय

    भारत तीव्र गति से शहरीकरण की ओर अग्रसर है। जनगणना 2011 के अनुसार देश की…

    एसबीआई सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत शहीद वीर नारायण सिंह की विचारधारा पर विकसित हो रहा है सोनाखान

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सालेभाट में तैयार किए गए 50 हजार सीड बॉल

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from SmartMag about art & design.

    About Us
    About Us

    Disclaimer: विकास मंथन, विकास समुदाय के लिए स्वतंत्र मीडिया प्लैटफॉर्म है।

    हम यह विश्वास करते है कि निरंतर संवाद एवं संवाद में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है, इस क्रम यह प्लैटफॉर्म समस्त वर्गो को यह अवसर प्रदाय करता है कि वे अपनी बात रखे तथा दूसरे की बात से अपनी समझ बनाये। सशक्त समाज निर्माण एवं स्थायी विकास प्राप्त करने के लिये पूर्व के अनुभवों, एक दूसरे के अनुभवों, चुनौतियों एवं नवाचार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस लिहाज से यह प्लैटफॉर्म विभिन्न विचारों, बेहतर सफलताओं, कठिन समस्याओं, चुनौतियों और सुझावों को साझा करने का समान अवसर प्रदाय करता है।

    हम लोगो द्वारा लोगो के लिये लिखे गए सबसे नए विचारों, अनुभवों और अंतरदृष्टि को प्रकाशित करते हैं। हमारा काम वस्तूओं को सरल और प्रासंगिक बनाना है ताकि जो लोग अपने काम कर रहे, उनके काम को और बेहतर तरीके से किया जा सके और उसे आगे बढ़ाया जा सके।

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    Our Picks

    शहरी मलिन बस्तियों में पेयजल सुरक्षा: केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि स्थानीय जल शासन और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकतापरिचय

    एसबीआई सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत शहीद वीर नारायण सिंह की विचारधारा पर विकसित हो रहा है सोनाखान

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    Most Popular

    महिलाओं के नेतृत्व में ‘हरित ग्राम’ का निर्माण

    July 15, 20240 Views

    स्वास्थ्य शिबिर का आयोजन

    July 25, 20240 Views

    धान की उन्नत खेती

    July 26, 20240 Views
    © 2026 Vikas Manthan. Designed by Sharp Web Technology.
    • Home
    • Lifestyle
    • Celebrities
    • Travel
    • Buy Now

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.