परिचय
जल, भूजल और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता किसी भी राज्य के सतत विकास के लिए आवश्यक होती है। छत्तीसगढ़ एवं केंद्र सरकारों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में जल आपूर्ति, भूजल पुनर्भरण और स्वच्छ पेयजल वितरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। इस रिपोर्ट में इन प्रावधानों और उनके संभावित लाभों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
केंद्रीय बजट 2024-25 में जल, भूजल और पेयजल प्रावधान
जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है।
अटल भूजल योजना: भूजल संसाधनों के सतत प्रबंधन और संवर्धन के लिए विभिन्न राज्यों में इस योजना के तहत परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
नमामि गंगे कार्यक्रम: गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों की सफाई और संरक्षण के लिए निधि आवंटित की गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम: स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए धनराशि आवंटित की गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य बजट 2024-25 में जल, भूजल और पेयजल के लिए प्रावधान
जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए ₹4,500 करोड़ का प्रावधान।
कुल जल आपूर्ति और स्वच्छता बजट: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जल आपूर्ति और स्वच्छता क्षेत्र के लिए कुल ₹5,437 करोड़ का आवंटन।
नहरों एवं तालाबों के पुनरुद्धार के लिए विशेष निधि: राज्य सरकार ने जल संरक्षण और सिंचाई हेतु नहरों और तालाबों के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान दिया है।
संभावित लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट का समाधान: जल जीवन मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन जल आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे जल संकट कम होगा।
स्वास्थ्य में सुधार: स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से जलजनित रोगों जैसे डायरिया, कॉलरा और टाइफाइड में कमी आएगी।
भूजल स्तर का संवर्धन: अटल भूजल योजना के तहत भूजल पुनर्भरण परियोजनाएं भूजल स्तर को स्थिर करेंगी और कृषि उत्पादन में सुधार होगा।
कृषि एवं सिंचाई में सुधार: जल संसाधनों के उचित प्रबंधन से किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध होगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी।
रोजगार सृजन: इन योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
पर्यावरण संरक्षण: जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्भरण से पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ एवं केंद्र सरकार द्वारा किए गए ये प्रावधान जल प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन जल संकट को दूर करने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होगा। इससे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
