संक्रामक बिमारियों से बचने के लिये स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत घर घर शौचालय निर्माण के बाद भी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया ताकि घर के शौचालय खराब हो, बाहरी लोग ज्यादा आये या परिवारों की संख्या बढ़ाने पर भी शौचालय की सुविधा मिल सके परन्तु ग्राम पंचायत करेला में सामुदायिक शौचालय निर्माण होने के बाद भी बंद रहा था। सामुदायिक प्रतिनिधि कहते है कि सामुदायिक शौचालय के पास गंदगी, दरवाजों को तोड़ फोड़ व सफाई की कमी के कारण कारण बंद कर दिया गया था जोकि ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की मांग एवं समिति की निगरानी में प्रारंभ कर दिया गया है।
करेला गांव में 329 परिवार है जिसमें से 10 परिवार स्वयं का शौचालय उपयोग नही कर पा रहे है क्योंकि खराब या छोटा हो रहा है। इन 10 परिवारों के 57 सदस्यों को बाहर जाना पड़ रहा था।
पिछले वर्ष बारीश के दौरान गांव में पिछले साल 23 लोगो को उल्टी व दस्त की समस्या हुई थी। इस समस्या को कम करने के लिये टभ्छब् के द्वारा गांव मे स्वच्छता एवं बिमारियों की निगरानी प्रांरभ की गयी। इस दौरान भाटापारा में, ऐसे परिवारों की पहवान हुई जोकि शौचालय की दिक्कत के कारण खुले में शौच कर रहे थे। इन परिवारो के लिये सामुयिक शौचालय प्रारंभ करने व भाटापारा में निवास करने वाले परिवारों को उपयोग एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी देने हेतु पंचायत के साथ चर्चा एवं आवेदन प्रस्तुत किया गया।
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार ग्राम पंचायत के द्वारा बंद शौचालय तुरंत प्रारंभ कर दिया गया तथा शौचालय मरम्मत एवं संचालन हेतु स्थानीय बस्ती भाटापारा के उपयोगकर्ता लोगो के प्रतिनिधियों की ’सामुदायिक शौचालय एवं प्रबंधन’ समिति का गठन किया गया। इस समिति द्वारा शौचालय में पानी, सफाई, कचरा एवं स्वच्छता सामीग्रा की व्यवस्था की जा रही है। उपयोगकर्ता प्रत्येक परिवार प्रति माह 50 रूपये सामुदायिक शौचालय उपयोग के बदले में प्रदाय कर रहा है। इसके अतिरिक्त अनियमित उपभोक्ता के लिये भी 5.0 रूपये निर्धारित किये गये।
शौचालय नियमित उपयोग रहे, इसके लिये मरम्मत एवं रखरखाव हेतु अतिरिक्त राशि की जरूरत हो सकती है। जिसके लिये 50 रूपये के प्रावधान ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना में पंचायत द्वारा अनुमोदित किये गये।
इस तरह, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की पहल व ग्राम पंचायत के द्वारा दायित्व निर्वाहण एवं समुदाय द्वारा प्रबंधन एवं संचालन की जिम्मेदारी लेने के कारण 57 लोगो के लिये सामुदायिक शौचालय नियमित चल रहा है।
