जिला मुख्यालय से सुदूर स्तिथ कोकपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम खमदोडगी प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण यह गाँव जहां की महिलाएं आज भी परम्परिक कार्य कर रही थी ऐसे में इनके आय का साधन भी सिमित था| एसबीआई फाउंडेशन का ग्राम सेवा कार्यक्रम इस गाँव में संचालित है जो निरंतर ग्रामीण महिलाओं के उन्नति के लिए कार्यरत है | इस गाँव की एक महिला समूह जो एक नवीन पहल कर रही थी खमदोडगी की जय मावली माता स्व -सहायता समूह की इन महिलाओं ने सीताफल पल्प प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुवात की थी | परन्तु आवश्यक संसाधन तथा तकनिकी ज्ञान की कमी से शुरवात में इन महिलाओं को अधिक मात्र में सीताफल के खरीदी तथा उसके प्रस्करण में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था | महिलाओं की इन समस्या को एसबीआई फाउंडेशन ने अवसर के रूप में देखा और इन्हें सर्वप्रथम तकनिकी तथा मशीनी सहयोग प्रदान किया साथ ही इसके अतिरिक्त सीताफल पल्प के स्टोरेज के लिए फ्रीजर भी प्रदान किया गया | इन सहयोगों के परिणाम स्वरुप इस वर्ष जय मावली माता स्व -सहायता समूह की महिलाओं ने 9 क्विंटल से अधिक का सीताफल पल्प का उत्पादन किया | इस से पहले यह समूह मात्र 5 से 6 क्विंटल का उत्पादन ही कर पाते थे | इसके अतिरिक्त इन उत्पादन का मार्केटिंग भी बड़े पैमाने समर्थन एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है | इस तरह समर्थन एसबीआई फाउंडेशन के हस्तक्षेप से सीताफल पल्प प्रोसेसिंग के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बढ़ाने में समर्थन एसबीआई फाउंडेशन उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है |
