
अब बागवानी फसलें होंगी सुरक्षित, किसानों को मिलेगा 50% अनुदान
राज्य सरकार ने बागवानी फसलों की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल शुरू की है। अब किसान अपने खेतों के चारों ओर गेलनवाईज जाली लगवाकर जंगली जानवरों से फसल की रक्षा कर सकेंगे, और इसका आधा खर्च सरकार उठाएगी।
क्या है योजना का उद्देश्य?
बागवानी फसलों — जैसे सब्जियाँ, फल, फूल और मसाले — को अक्सर नीलगाय, सुअर, बंदर जैसे जंगली जानवरों से नुकसान होता है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए यह योजना शुरू की गई है, जिससे किसान जैविक और उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ फसल की रक्षा भी कर सकें।
अनुदान की विशेष जानकारी:
- योजना के तहत 300 रुपये/रनिंग मीटर की दर से जाली लगाई जा सकती है।
- यदि कोई किसान 1000 रनिंग मीटर की जाली लगवाता है, तो कुल खर्च ₹3,00,000 आता है।
- इसमें से ₹1,50,000 (50%) राज्य सरकार देगी और
- शेष ₹1,50,000 किसान को स्वयं वहन करना होगा।
कैसे करें आवेदन?
- योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
- आवेदनकर्ता को राष्ट्रीय बागवानी एकीकृत विकास कार्यक्रम के तहत आवेदन करना होगा।
- इसके लिए इच्छुक किसान उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
किसानों को होगा क्या लाभ?
- फसलों की जानवरों से रक्षा होगी
- उत्पादन में वृद्धि और नुकसान में कमी
- खेती की लागत में संतुलन
- बागवानी खेती को बढ़ावा मिलेगा
- किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें लंबी अवधि में आर्थिक लाभ होगा
राज्य सरकार की यह योजना किसानों के हित में एक ठोस कदम है। फसलों की रक्षा से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कृषकों का मनोबल भी ऊंचा होगा।
जो किसान बागवानी क्षेत्र में काम कर रहे हैं या इसकी योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह एक अवसर है — सुरक्षा और सहायता का।