महाराष्ट्र में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत ग्रामीण इलाकों में घरेलू नल कनेक्शन की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता का व्यापक अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट के आंकड़े दर्शाते हैं कि मिशन ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन चुनौतियां अब भी मौजूद हैं।
मुख्य बिंदु
- कार्यशीलता में सुधार, लेकिन पूर्ण कार्यक्षमता की कमी
- रिपोर्ट के अनुसार, 93% ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन कार्यशील हैं।
- हालांकि, केवल 43% घरों में कनेक्शन पूरी तरह से कार्यात्मक हैं, जहां नल से पर्याप्त मात्रा में पानी नियमित रूप से उपलब्ध हो रहा है।
- पानी की गुणवत्ता: सकारात्मक लेकिन सुधार की आवश्यकता
- परीक्षण के दौरान 81% घरों में पानी पीने योग्य पाया गया।
- पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल परीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता महसूस की गई।
- नियमितता में प्रगति
- 75% घरों में पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। यह दर्शाता है कि जल आपूर्ति तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
- महिलाओं पर सकारात्मक प्रभाव
- अध्ययन में पाया गया कि 83% महिलाओं ने घरेलू कार्यों के लिए पानी लाने में लगने वाले समय और मेहनत में कमी महसूस की।
- जल की आसान उपलब्धता ने महिलाओं के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया है।
- चुनौतियां और सुझाव
- जल की गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली को और मजबूत बनाना आवश्यक है ताकि हर घर में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
- जल प्रबंधन और आपूर्ति के लिए समुदाय की भागीदारी को और बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
मिशन का प्रभाव
जल जीवन मिशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घर-घर पानी पहुंचने से न केवल स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आई है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
सरकार का उद्देश्य है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को 2024 तक पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
Source – https://jaljeevanmission.gov.in/sites/default/files/2022-10/FA-State-Report-Maharashtra.pdf
