बाल मृत्यु दर में कमी:
जल जीवन मिशन (JJM) का लक्ष्य सभी ग्रामीण घरों को 2024 तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। यह पहल हर साल लगभग 1,36,000 पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौतों को रोकने में मदद करेगी। मिशन के अंतर्गत प्रदत्त सुरक्षित पेयजल, डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो भारत में बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।
स्वास्थ्य लाभ और आर्थिक बचत:
सुरक्षित पेयजल सेवाओं तक बढ़ी हुई पहुंच से ग्रामीण नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार होगा। मिशन के तहत, समुदाय स्रोतों से पानी लाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे समय और श्रम की बचत होगी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी के चलते आर्थिक बचत भी होगी, जिससे ग्रामीण जीवन को और अधिक सहज बनाने में मदद मिलेगी।
रोजगार सृजन:
JJM के तहत निर्माण और संचालन व रखरखाव (O&M) के चरणों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। निर्माण कार्य के दौरान अधिक नौकरियां पैदा होंगी, जबकि O&M चरण दीर्घकालिक रोजगार प्रदान करेगा। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता को भी प्रोत्साहन देगी।
पानी की गुणवत्ता:
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना मिशन की प्राथमिकता है। पानी को माइक्रोबियल संदूषण से मुक्त रखना आवश्यक है। हालांकि, पाइपों में नकारात्मक दबाव जैसी समस्याओं के कारण उपचारित पानी भी दूषित हो सकता है। ऐसे में कुछ स्थानों पर उपयोग के बिंदु पर जल शोधन आवश्यक हो सकता है।

समाज पर व्यापक प्रभाव:
यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य सभी को ऐसा पानी उपलब्ध कराना है जो सुलभ, जरूरत पड़ने पर उपलब्ध, और प्रदूषण मुक्त हो। इस प्रयास से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
महत्वपूर्ण अध्ययनों का आधार:
यह रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और शिकागो विश्वविद्यालय के डेवलपमेंट इनोवेशन लैब सहित विभिन्न संगठनों के अध्ययनों पर आधारित है। इन अध्ययनों के निष्कर्ष JJM के सार्वजनिक स्वास्थ्य, आर्थिक लाभ, और रोजगार सृजन पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
जल जीवन मिशन ग्रामीण भारत में व्यापक बदलाव लाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल है, जो न केवल स्वास्थ्य में सुधार करेगी बल्कि समाज के समग्र विकास में योगदान देगी।
