मेंरा नाम प्रिया यादव है। मै ग्राम पंचायत गाड़ाडीह की रहने वाली हु मेरी उम्र. 17 साल है मै कक्षा 12वी में पढ़ती हु जब मै 11 साल की थी तब से मुझे माहवारी आ रही है मै माहवारी के दौरान सेनेटरी पैड उपयोग ही उपयोग किया करती थी
समर्थन से भुनेश्वरी दिदि के द्वारा माहवारी पर हम मोहल्ले वाली किशोरियो को जानकारियां दिया करती थी उसी सत्र के दुसे सत्र में दिदि ने हमको माहवारी सामग्री के बारे में बताया मुझे तो माहवारी सामग्री में केवल सेनेटरी पैड और कपड़ा उपयोग को लेकर जानकारी थी लेकिन दिदि ने हमे बताया कि इसके अलावा और भी माहवारी सामग्रीया होती है जैसे कपडे से बने पैड , माहवारी कपइ इत्यादि। मुझे कपड़े से बने पैड ज्यादा अच्छा लगा अलग अलग रंग के अलग अलग प्रकार के कपड़े से बने पैड को मैने पहली बार देखा । कुछ दिन बाद दिदियो के द्वारा हमे कपड़े से बनने वाले पैड पर प्रशिक्षण भी दिया गया। मैने कपड़े से प्रशिक्षण में पैड बनाकर देखा मुझे पैड बनाने में बहुत अच्छा लग रहा था । मै उस पैड को घर ले आई और उपयोग करके देखा कपड़े से बना पैड उपयोग करने में बहुत अच्छा था। तब से मै क्लाथ पैड ही उपयोग करने लगी। मैने घर में दो पैड और बनाये इससे मेरा हर माह सेनेटरी पैड पर होने वाले खर्चो में भी कमी हुई । मुझे क्लाथ पैड उपयोग करना बहुत अच्छा लगता है।
प्रिया यादव,ग्राम पंचायत गाड़ाडिह, क्लाथ पैड उपयोग
