जिला बरगड़ के नगरीय क्षेत्र के मास्टर टीकरा पारा में पिछले 90 वर्षों से 35 परिवार निवास कर रहे हैं। इन परिवारों का मुख्य व्यवसाय मजदूरी है, जहां पुरुष वर्ग मजदूरी करता है और महिलाएं घरेलू कार्यों में व्यस्त रहती हैं। इतने वर्षों के निवास के बावजूद, पारा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां के परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं और अब तक उनके घरों का पट्टा नहीं मिला है। इसके अलावा, शौचालय की सुविधा का भी अभाव है, और गंदे पानी के निपटान के लिए कोई प्रबंधन नहीं है।
पानी की व्यवस्था बेहद सीमित है। नगर निकाय द्वारा एक स्टैंड पोस्ट और एक पानी की टंकी लगाई गई है, जो केवल सुबह 1 घंटे पानी प्रदान करती है, जो कि अपर्याप्त है। पारा में एकमात्र हैंडपंप है, जिस पर सभी परिवार निर्भर हैं, लेकिन अधिक उपयोग के कारण उसका पानी गंदा और खारा हो चुका है।

इसके साथ ही, जल गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से नहीं की जाती। पानी की कमी के कारण परिवार अपने घरों में बर्तन, ड्रम, और बाल्टियों में पानी भरकर रखने को मजबूर हैं।

स्थिति को सुधारने के लिए यहां के निवासियों को पक्के मकानों और पट्टों की व्यवस्था करनी होगी। पानी की समस्या को हल करने के लिए अतिरिक्त पानी की टंकी और सार्वजनिक नल की स्थापना की जानी चाहिए। हैंडपंप के पानी की गुणवत्ता की जांच और सुधार किया जाना भी जरूरी है। शौचालय निर्माण और गंदे पानी के निपटान के लिए स्वच्छता प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा, जल संरक्षण और उसके सीमित उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इन उपायों से मास्टर टीकरा पारा के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है।
