बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में फ्लोराइड युक्त पानी की गंभीर समस्या पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की, जिसमें दावा किया गया कि साफ और सुरक्षित पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने इस मामले पर विशेष ध्यान देने और निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी।
गरियाबंद के कई गांवों में फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से बच्चों में डेंटल फ्लोरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं देखी जा रही हैं। इस पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द आवश्यक और ठोस कदम उठाने की मांग की है।
पीएचई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 40 गांवों में 6 करोड़ रुपये की लागत से फ्लोराइड रिमूवल प्लांट स्थापित किए गए थे। इनमें से 24 प्लांट वर्तमान में कार्यरत हैं, जबकि बाकी प्लांटों को ठीक करने की प्रक्रिया जारी है। हाई कोर्ट ने बाकी प्लांटों को भी जल्द चालू करने के निर्देश दिए हैं।
