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    जल मंथन

    बड़ेगौरी बना जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल

    vikasBy vikasJune 6, 2026No Comments5 Mins Read16 Views
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    Jal Jeevan Mission
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    माननीय उप-मुख्यमंत्री अरुण साव जी ने किया पेयजल योजना का निरीक्षण, उत्साहपूर्वक मनाया गया ‘जल अर्पण एवं पर्यावरण दिवस’

    कांकेर।
    जल केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि समृद्ध और स्वस्थ समाज की पहचान भी है। देश में प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन आज अनेक गाँवों में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। इन्हीं सफल उदाहरणों में कांकेर जिले के विकासखंड चारामा अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत बड़ेगौरी भी शामिल हो गया है, जहाँ जल प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय नेतृत्व का एक प्रेरणादायक मॉडल विकसित हुआ है।

    इसी मॉडल को देखने और पेयजल योजना के संचालन की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करने के लिए माननीय उप-मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी बड़ेगौरी पहुँचे। उनके आगमन से पूरे गाँव में उत्सव जैसा वातावरण निर्मित हो गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक उत्साह के साथ ‘जल अर्पण दिवस’ एवं ‘पर्यावरण दिवस’ का आयोजन किया और जल संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    घर-घर पहुँचकर देखा नल से जल

    माननीय उप-मुख्यमंत्री ने केवल औपचारिक समीक्षा तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि गाँव के विभिन्न घरों तक पहुँचकर क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने नलों से आ रहे जल प्रवाह को देखा, पेयजल आपूर्ति की नियमितता की जानकारी ली तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजना के वास्तविक प्रभाव को समझा।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब योजनाओं का संचालन जनभागीदारी के साथ होता है, तब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है।

    महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन

    गाँव में आयोजित चौपाल चर्चा के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पहले उन्हें प्रतिदिन दूर-दूर तक पानी लाने के लिए घंटों मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने के कारण समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। इस बचाए गए समय का उपयोग वे परिवार, बच्चों की शिक्षा और आजीविका गतिविधियों में कर पा रही हैं।

    पंप ऑपरेटरों और जलवाहिनियों ने भी योजना के संचालन, रखरखाव और समुदाय के सहयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

    ग्राम पंचायत द्वारा कुशल संचालन और संधारण

    कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती गमलेश्वरी स्वेता जी ने उप-मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि ग्राम स्तर पर जल जीवन मिशन की योजना का संचालन और संधारण पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता से व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है, जिससे पेयजल आपूर्ति नियमित और प्रभावी बनी हुई है।

    यह मॉडल दर्शाता है कि यदि पंचायतें और समुदाय मिलकर कार्य करें, तो सरकारी योजनाएँ दीर्घकालिक रूप से सफल हो सकती हैं।

    ‘जल अर्पण’ और ‘जल बंधन’ बना जनभागीदारी का उत्सव

    गाँव के पानी टंकी परिसर में आयोजित ‘जल अर्पण’ और ‘जल बंधन’ कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम सचिव, मातृशक्ति, युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जल को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति के आधार के रूप में सम्मान देने का संदेश दिया गया।

    साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और पौधरोपण की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

    जल बहिनियों ने प्रस्तुत किया महिला सशक्तिकरण का उदाहरण

    निरीक्षण के दौरान गाँव की जल बहिनियों द्वारा किए जा रहे जल गुणवत्ता परीक्षण का भी अवलोकन किया गया। महिलाओं ने पानी की शुद्धता जांचने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उप-मुख्यमंत्री ने उनकी जागरूकता, तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की।

    उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण महिलाएँ स्वयं जल गुणवत्ता की निगरानी करती हैं, तब सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में समाज और अधिक सशक्त बनता है।

    इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच, जल बहिनियों एवं पंप ऑपरेटरों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया, जिससे ग्राम स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का उत्साहवर्धन हुआ।

    अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

    इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इनमें प्रमुख रूप से प्रमुख अभियंता श्री के. के. मरकाम, मुख्य अभियंता श्री जी. एल. लखेरा, अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता श्री आर. के. शुक्ला, कार्यपालन अभियंता श्री कुंदन राणा तथा सहायक अभियंता श्री राजेश हिरकने सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    बड़ेगौरी से मिला संदेश

    बड़ेगौरी का यह आयोजन केवल एक निरीक्षण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि जल संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय नेतृत्व के समन्वय से ग्रामीण विकास की नई दिशा तय की जा सकती है। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल से जल पहुँचाने के साथ-साथ यदि समाज में जल के प्रति जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना भी विकसित हो, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव है।

    बड़ेगौरी की यह पहल वास्तव में इस विचार को साकार करती है कि “हर घर जल” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित एक सामाजिक आंदोलन है।

    Jal Jeevan Mission
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