Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सालेभाट में तैयार किए गए 50 हजार सीड बॉल

    बड़ेगौरी बना जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Vikas Manthan
    Subscribe
    • आज की बात
    • देश
    • विदेश
      • अमेरिका
      • चीन
      • पाकिस्तान
      • ब्रिटेन
      • रूस
      • श्रीलंका
    • राज्य
      • छत्तीसगढ़
      • उत्तर प्रदेश
      • झारखंड
      • नई दिल्ली
      • बिहार
      • मध्यप्रदेश
      • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
      • गरियाबंद
      • दंतेवाड़ा
      • दुर्ग
      • बालोद
      • बिलासपुर
      • बीजापुर
    • मंथन
      • कृषि मंथन
      • जल मंथन
      • श्रम मंथन
      • स्वराज मंथन
      • नवचार मंथन
      • स्वास्थ्य मंथन
      • भू मंथन
      • बाल मंथन
      • जिनकी बात उनकी ज़बानी
      • खेल
    • महिला सशक्तिकरण
    • सर्वेक्षण
    • लाइफ़स्टाइल
      • Music
      • Fashion
      • Fitness
    Vikas Manthan
    You are at:Home»जल मंथन»कुड़ई में पेयजल संकट के बीच बेटी की बारात की चिंता दूर
    जल मंथन

    कुड़ई में पेयजल संकट के बीच बेटी की बारात की चिंता दूर

    vikasBy vikasMay 10, 2026Updated:May 10, 2026No Comments3 Mins Read9 Views
    Facebook Twitter Pinterest Telegram LinkedIn Tumblr Email Reddit
    Jal
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest WhatsApp Email

    त्वरित कार्रवाई से 70 परिवारों और बारातियों को मिला पानी

    Public Health Engineering Department (पीएचईडी) की त्वरित कार्रवाई ने ग्राम कुड़ई में पेयजल संकट के बीच एक परिवार की बड़ी चिंता को दूर कर दिया। जनपद अजयगढ़ की ग्राम पंचायत बिलाही के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुड़ई में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। गांव के कई परिवारों को प्रतिदिन पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।

    ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक के दौरान महिला सदस्यों ने बताया कि स्कूल मोहल्ले के लगभग 42 परिवार दिनभर पानी की व्यवस्था करने में लगे रहते हैं। गांव में केवल दो-तीन हैंडपंप ही कार्यरत हैं, जिनसे सीमित मात्रा में पानी मिल पा रहा है। पंचायत द्वारा पूर्व में एक हैंडपंप में मोटर लगाई गई थी, लेकिन जलस्तर कम होने के कारण मोटर जल गई। वर्तमान में लगभग 148 परिवार हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर हैं।

    बैठक के दौरान यह जानकारी मिली कि अहिरवार मोहल्ले में नोने लाल अहिरवार की बेटी की बारात आने वाली है, लेकिन वहां का हैंडपंप खराब पड़ा है। इस कारण परिवार के साथ-साथ पूरे मोहल्ले में चिंता का माहौल था। बारातियों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तथा सहयोगी संस्था के कार्यकर्ताओं ने तुरंत पीएचईडी के इंजीनियर अनिरुद्ध कुमार चौबे और स्थानीय मैकेनिक से संपर्क किया। इंजीनियर अनिरुद्ध कुमार चौबे ने आश्वासन दिया, “बारातियों को पानी अवश्य मिलेगा, आज ही हैंडपंप को ठीक किया जाएगा।”

    उनके निर्देश पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया और कुछ ही समय में हैंडपंप पुनः चालू हो गया। इससे लगभग 70 परिवारों के साथ-साथ बारातियों के लिए भी पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो गई।

    इस कार्य में पंचायत मित्र दिनेश, पूर्व सरपंच केशव प्रसाद यादव, सचिव संतोष कुमार शुक्ला तथा ग्राम पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। बेटी के पिता नोने लाल अहिरवार ने राहत की सांस लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

    सरपंच ने एहतियात के तौर पर पानी के टैंकर की व्यवस्था भी तैयार रखी थी, लेकिन पीएचईडी की त्वरित कार्रवाई के कारण उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी।

    ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति और पंचायत ने गांव की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। सचिव और समिति के सदस्यों के अनुसार आगामी एक सप्ताह के भीतर इस योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

    गांव के लोगों ने इस त्वरित पहल की सराहना करते हुए सहयोगी संस्था और संबंधित अधिकारियों के प्रति खुशी और धन्यवाद व्यक्त किया। यह घटना दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता, स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक तत्परता से कठिन परिस्थितियों का समाधान समय पर किया जा सकता है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit WhatsApp Telegram Email
    Previous Articleसोनाखान में महिलाओं की नई पहचान: एसबीआई सम्मान कार्यक्रम से बढ़ी भागीदारी और आजीविका
    Next Article कटहल: स्वास्थ्य, पोषण, आय और भविष्य की कृषि क्रांति का आधार
    vikas
    • Website

    Related Posts

    बड़ेगौरी बना जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल

    June 6, 2026

    गौरगांव की कहानी: जब हर घर तक पहुँची विकास की जलधारा

    May 20, 2026

    फुलवारी: जल संकट से जल समृद्धि तक की प्रेरक कहानी

    May 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Demo
    Top Posts

    सामुदायिक वन संसाधन अधिकार से सशक्त होती ग्रामीण आजीविका

    October 18, 2025236 Views

    शिवनाथ नदी और उसकी ऐतिहासिक महत्ता:

    February 11, 202536 Views

    सोनाखान में महिलाओं की नई पहचान: एसबीआई सम्मान कार्यक्रम से बढ़ी भागीदारी और आजीविका

    March 8, 202624 Views

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवर्तन की नई कहानी: विकास की धुरी बनी महिलाएँ

    March 8, 202617 Views
    Don't Miss
    आज की बात June 8, 2026

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    जहां पानी की कमी है, वहां हरियाली उगाने का सपना मध्यप्रदेश का पन्ना जिला बुंदेलखंड…

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सालेभाट में तैयार किए गए 50 हजार सीड बॉल

    बड़ेगौरी बना जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल

    गौरगांव की कहानी: जब हर घर तक पहुँची विकास की जलधारा

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from SmartMag about art & design.

    Demo
    About Us
    About Us

    Disclaimer: विकास मंथन, विकास समुदाय के लिए स्वतंत्र मीडिया प्लैटफॉर्म है।

    हम यह विश्वास करते है कि निरंतर संवाद एवं संवाद में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है, इस क्रम यह प्लैटफॉर्म समस्त वर्गो को यह अवसर प्रदाय करता है कि वे अपनी बात रखे तथा दूसरे की बात से अपनी समझ बनाये। सशक्त समाज निर्माण एवं स्थायी विकास प्राप्त करने के लिये पूर्व के अनुभवों, एक दूसरे के अनुभवों, चुनौतियों एवं नवाचार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस लिहाज से यह प्लैटफॉर्म विभिन्न विचारों, बेहतर सफलताओं, कठिन समस्याओं, चुनौतियों और सुझावों को साझा करने का समान अवसर प्रदाय करता है।

    हम लोगो द्वारा लोगो के लिये लिखे गए सबसे नए विचारों, अनुभवों और अंतरदृष्टि को प्रकाशित करते हैं। हमारा काम वस्तूओं को सरल और प्रासंगिक बनाना है ताकि जो लोग अपने काम कर रहे, उनके काम को और बेहतर तरीके से किया जा सके और उसे आगे बढ़ाया जा सके।

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    Our Picks

    हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सालेभाट में तैयार किए गए 50 हजार सीड बॉल

    बड़ेगौरी बना जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल

    Most Popular

    महिलाओं के नेतृत्व में ‘हरित ग्राम’ का निर्माण

    July 15, 20240 Views

    स्वास्थ्य शिबिर का आयोजन

    July 25, 20240 Views

    धान की उन्नत खेती

    July 26, 20240 Views
    © 2026 Vikas Manthan. Designed by Sharp Web Technology.
    • Home
    • Lifestyle
    • Celebrities
    • Travel
    • Buy Now

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.