त्वरित कार्रवाई से 70 परिवारों और बारातियों को मिला पानी
Public Health Engineering Department (पीएचईडी) की त्वरित कार्रवाई ने ग्राम कुड़ई में पेयजल संकट के बीच एक परिवार की बड़ी चिंता को दूर कर दिया। जनपद अजयगढ़ की ग्राम पंचायत बिलाही के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुड़ई में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। गांव के कई परिवारों को प्रतिदिन पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक के दौरान महिला सदस्यों ने बताया कि स्कूल मोहल्ले के लगभग 42 परिवार दिनभर पानी की व्यवस्था करने में लगे रहते हैं। गांव में केवल दो-तीन हैंडपंप ही कार्यरत हैं, जिनसे सीमित मात्रा में पानी मिल पा रहा है। पंचायत द्वारा पूर्व में एक हैंडपंप में मोटर लगाई गई थी, लेकिन जलस्तर कम होने के कारण मोटर जल गई। वर्तमान में लगभग 148 परिवार हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर हैं।
बैठक के दौरान यह जानकारी मिली कि अहिरवार मोहल्ले में नोने लाल अहिरवार की बेटी की बारात आने वाली है, लेकिन वहां का हैंडपंप खराब पड़ा है। इस कारण परिवार के साथ-साथ पूरे मोहल्ले में चिंता का माहौल था। बारातियों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तथा सहयोगी संस्था के कार्यकर्ताओं ने तुरंत पीएचईडी के इंजीनियर अनिरुद्ध कुमार चौबे और स्थानीय मैकेनिक से संपर्क किया। इंजीनियर अनिरुद्ध कुमार चौबे ने आश्वासन दिया, “बारातियों को पानी अवश्य मिलेगा, आज ही हैंडपंप को ठीक किया जाएगा।”
उनके निर्देश पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया और कुछ ही समय में हैंडपंप पुनः चालू हो गया। इससे लगभग 70 परिवारों के साथ-साथ बारातियों के लिए भी पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो गई।
इस कार्य में पंचायत मित्र दिनेश, पूर्व सरपंच केशव प्रसाद यादव, सचिव संतोष कुमार शुक्ला तथा ग्राम पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। बेटी के पिता नोने लाल अहिरवार ने राहत की सांस लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
सरपंच ने एहतियात के तौर पर पानी के टैंकर की व्यवस्था भी तैयार रखी थी, लेकिन पीएचईडी की त्वरित कार्रवाई के कारण उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति और पंचायत ने गांव की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। सचिव और समिति के सदस्यों के अनुसार आगामी एक सप्ताह के भीतर इस योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
गांव के लोगों ने इस त्वरित पहल की सराहना करते हुए सहयोगी संस्था और संबंधित अधिकारियों के प्रति खुशी और धन्यवाद व्यक्त किया। यह घटना दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता, स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक तत्परता से कठिन परिस्थितियों का समाधान समय पर किया जा सकता है।
